शिलापट्ट लगी थी उस पर सांसद जी का नाम नहीं था—जूता निकाल कर दे दनादन विधायक जी को पीट दिया

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नई दिल्ली: यूपी के संतकबीरनगर में जिला योजना समिति की बैठक हो रही थी। जाहिर है जिले के विकास पर चर्चा की जा रही थी। उस बैठक में आम लोग नहीं शामिल थे, बल्कि खास लोग जिले की तस्वीर बदलने के लिए गहन मंथन में शामिल थे। एकाएक कुछ ऐसा हुआ कि हर कोई दंग और सन्न था। लाल जैकेट में बैठा हुआ शख्स अपना आपा खो चुका था। शायद उस शख्स के दिमाग में गुस्से का समंदर बवंडर मचा रहा था और उसका असर बगल में बैठे शख्स पर नजर आया।अब आप को बताते हैं कि जो शख्स जूते से पीट रहा है वो कौन है और जिसकी पिटाई हो रही है वो कौन है। ये दोनों लोग अनुशासन की दुहाई देने वाले, चाल चरित्र और चेहरा की बात करने वाली पार्टी बीजेपी के सम्मानित नेता हैं।पिटाई करने वाले शख्स का नाम शरद त्रिपाठी है जो संत कबीर नगर से सांसद हैं, और जूते की मार का सामना कर रहे शख्स विधायक हैं जिनका नाम राकेश सिंह है। दोनों लोगों में नाराजगी शिला पट्ट पर लिखे जाने वाले नाम को लेकर थी।दरअसल करमैनी -बेलौली बांध के लिये जो शिलापट्ट लगी थी उस पर सांसद जी का नाम नहीं था। सांसद जी ने एक्सीयन इंजीनियर से पूछा कि आखिर वो कौन सी गाइडलाइन है जिसमें सांसद का नाम नहीं लिखा जा सकता है। इस सवाल के जवाब में इंजीनियर ने कहा कि गलती हो गई है और उसे सुधार लिया जाएगा। इस बीच विधायक ने कहा कि इस संबंध में सांसद जी बात कर सकते हैं। यहीं से दोनों लोगों के बीच गरमागरम बहस का दौर शुरू हो गया। वीडियो में शरद त्रिपाठी बार बार कहते हैं कि सांसद कौन है। सवाल-जवाब के इस दौर में शरद त्रिपाठी अपना आपा खो बैठे और जूता निकाल कर दे दनादन विधायक जी को पीट दिया। इसके बाद विधायक राकेश सिंह अपनी सीट से उठे और शरद त्रिपाठी के पास पहुंचे और उसी अंदाज में जवाब दिया जिस तरह से सांसद जी अपने गुस्से का इजहार कर रहे थे। लेकिन फर्क सिर्फ इतना था कि विधायक जी के हाथ में जूते नहीं थे। ये नजारा हर किसी के लिए हैरान करने वाला था। दो माननीयों की जंग में भला आम आदमी की औकात ही क्या। जिले के एक बड़े पुलिस अधिकारी बीच बचाव में आए और एक दूसरे को अलग किया।

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