मृतक बच्ची के लिए दिया घायलों वाला मुआवजा और कहा गया कि वह पैदाइशी कमजोर थी और वैसे भी मरने वाली थी

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मुंबई:बच्ची के माता-पिता को सोमवार को दो लाख रुपये का चेक दिया गया और कुछ देर बाद उन्हें एक और चेक दिया गया। उनसे कहा गया कि पहला चेक उनकी बेटी का है और दूसरा उनके बेटे का। बेटा अभी अस्पताल में भर्ती है। 27 साल की महिला का कहना है कि पैसा उनके बच्चे के जाने के दुख को कम नहीं कर सकता लेकिन वो कैसे इस बात से इनकार कर सकते हैं कि वह आग की शिकार नहीं थी? दंपति ने कहा कि अस्पताल के अधिकारी आग के दौरान मारे गए और घायल हुए लोगों को मुआवजा दे रहे थे।मुंबई के ईएसआईसी कामगार अस्पताल में 17 दिसंबर को लगी आग के दौरान एक बच्ची (जुड़वां) की मौत हो गई थी। जन्म के महज कुछ दिनों बाद ही दुनिया छोड़नी वाली इस बच्ची के माता-पिता को बेटी की मौत पर 10 लाख रुपये का पूरा मुआवजा नहीं दिया गया। उन्हें केवल दो लाख रुपये दिए गए और कहा गया कि वह पैदाइशी कमजोर थी और वैसे भी मरने वाली थी। बता दें मृतकों को 10 लाख और घायलों को 2 लाख रुपये मुआवजा दिया गया है।अधिकारियों ने दावा किया है कि बच्ची का समय से पहले जन्म हुआ था इसलिए वह काफी कमजोर थी। “उसकी हालत पैदा होने के बाद से ही गंभीर बनी हुई थी। तो ऐसा माना जा सकता है कि उसकी मौत प्राकृतिक थी।” बच्ची की मौत अस्पताल में आग लगने के चार दिन बाद शुक्रवार को हुई। इस आग में कुल 11 लोगों की मौत हुई थी, जिसमें दो शिशु भी हैं।

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