भूखे बेटे के लिए दूध का इंतजाम न कर पाने पर कलेजे के टुकड़े का ही अंत कर दिया

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बच्चे भूखे थे तब कोई भी नहीं आया और आज भीड़ जुट गई

कन्नौज: छिबरामऊ के मोहल्ला बिरतिया में रहने वाले शाहिद उर्फ शालू की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, इसलिए वह नौकरी करने के लिए मुंबई गया है। उसकी पत्नी रुखसार मोहल्ले में बने घर में तीन बच्चों के साथ रह रही है। आसपास के लोगों की मानें तो रुखसार का 8 माह का पुत्र अहद तीन दिन से भूखा था। रुखसार बेटे के लिए दूध का इंतजाम नहीं कर पा रही थी। तीनों बच्चे उससे बार बार खाना मांग रहे थे। रात से ही अहद दूध के लिए तेज आवाज में रो रहा था। पूरी रात उसे पानी पिलाने का प्रयास करने वाली रुखसार उसका दर्द बर्दाश्त नहीं कर पाई। उसने भूखे अहद का गला दबाकर चीख हमेशा के लिए शांत कर दी। पुलिस के सामने उस मां की ढाई साल की बेटी ने हकीकत बयां की तो सुनने वालों का भी दिल रो पड़ा। पुलिस ने आरोपित महिला को हिरासत में लेकर कोतवाली में बिठाया है। इस घटना ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा दिया है। रुखसार कुछ दिन पहले किसी सौ रुपये उधार लेकर आई थी लेकिन बच्चों की भूख नहीं मिटा पाई थी। शुक्रवार की सुबह बेटे की हत्या के बाद पास में ही गुमसुम होकर बैठी थी। काफी देर तक अहद में कोई हलचल न देखकर परिजनों को शक हुआ और उसके पास जाने का प्रयास किया तो रुखसार ने गुस्सा जताते हुए सभी को रोक दिया। बेटी अनम से जानकारी के बाद परिजनों और लोगों की भीड़ लग गई। सूचान पर प्रभारी निरीक्षक भी पहुंच गए और सड़क पर हंगामा कर रही रुखसार की मां खदीजा को कोतवाली भेजा। इसके बाद घर में शांत माहौल में रुखसार से बात की तो उसने कहा कि तीन दिन से बच्चों के खाने का इंतजाम करने को लेकर परेशान थी, सौ रुपये उधार लेकर आई थी। तीन दिन से बच्चे के लिए दूध भी नहीं जुटा पा रही थी। बच्चे भूखे थे तब कोई भी नहीं आया और आज भीड़ जुट गई है। प्रभारी निरीक्षक बलराम मिश्रा ने पूछताछ के बाद रुखसार को भी कोतवाली भेज दिया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है, परिजनों की तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। ढाई वर्षीय पुत्री अनम ने पुलिस को बताया है कि सुबह मां ने भाई की गला दबाकर हत्या कर दी, वह बहुत गुस्से में थी।

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